पर्यवेक्षकों के समक्ष हुआ सदस्यों का मनोनयन
SASKAP KONDAGAON – कर्मचारी अधिकारी प्रभाग | 28 मार्च 2026 – सर्व आदिवासी समाज (स.आदि.स.), बस्तर संभाग के कर्मचारी/अधिकारी प्रभाग द्वारा कोंडागांव के आदिवासी भवन में शपथ ग्रहण समारोह का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संगठन की मजबूती, विस्तार और नेतृत्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस समारोह में जिला कोंडागांव के विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी, कर्मचारी, युवा प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवगठित जिला कार्यकारिणी को औपचारिक रूप से दायित्व सौंपना और संगठन को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाना था।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने हेतु सर्व आदिवासी समाज, बस्तर संभाग के द्वारा संगठन के सामान्य प्रभाग एवं कर्मचारी/अधिकारी प्रभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें प्रमुख रूप से तिरु गंगा नाग (अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज, जिला बस्तर), तिरु डॉ. जीवन सलाम (संभागीय अध्यक्ष), तिरु हेमंत बस्तरिया (संभागीय समन्वयक), मांझी राजेंद्र बघेल (संभागीय महासचिव), प्रभु लाल नाग (संभागीय सह कोषाध्यक्ष), दीवान विपिन जी (संभागीय सलाहकार) तथा मंच संचालन की जिम्मेदारी गुंडाधूर नेताम द्वारा निभाई गई।
SASKAP - कोंडागांव की नवगठित जिला कार्यकारिणी
समारोह में सर्व आदिवासी समाज, बस्तर संभाग के कर्मचारी अधिकारी प्रभाग की जिला कोंडागांव की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें अनुभवी और समर्पित व्यक्तियों को जिम्मेदारी सौंपी गई—
- संरक्षक: डॉ. पुरोहित सोरी
- जिलाध्यक्ष: तिरु झिठकु मरकाम
- उपाध्यक्ष: तिरुमाय कुंति नेताम
- सचिव: तिरु नरसिंह मंडावी
- कोषाध्यक्ष: तिरु धनपत नेताम
- प्रवक्ता: तिरु सुरेश नेताम
- कार्यकारिणी सदस्य: बलदेव कोर्राम, जगधर सोरी, मोहन सिंह मरकाम
विकासखंड स्तर पर विस्तार
कार्यक्रम के दौरान कोंडागांव जिले के विकासखंड स्तर पर भी संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया। कोंडागांव ब्लॉक के लिए नई कार्यकारिणी का मनोनयन किया गया—
- अध्यक्ष: किसन मरकाम
- कोषाध्यक्ष: जयनाथ नेताम
- कार्यकारिणी सदस्य: धनीराम नेताम
संगठन की कार्यप्रणाली और उद्देश्य
कर्मचारी/अधिकारी प्रभाग के बारे में यह स्पष्ट किया गया कि यह कोई नया संगठन नहीं है, बल्कि सर्व आदिवासी समाज के अंतर्गत कार्य करने वाला एक प्रशासनिक और सामाजिक रूप से पूरक प्रभाग है। इसका उद्देश्य समाज के भीतर संगठनात्मक मजबूती और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रभाग धरना, प्रदर्शन या हड़ताल जैसी गतिविधियों में भाग नहीं लेगा। इसके बजाय, यह अनुशासित और सकारात्मक कार्यप्रणाली के माध्यम से समाज में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।
इस प्रभाग में उन्हीं लोगों को महत्व दिया गया है, जिनमें कार्य करने का जज्बा, जुनून और स्पष्ट दृष्टिकोण हो। संगठन ऐसे ही प्रतिबद्ध और सक्रिय व्यक्तियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है, जो समाज के लिए एक सच्चे कर्मयोगी और नेतृत्वकर्ता बन सकें।
अनुशासन और विजनरी लीडरशिप पर जोर
संगठन की मूल सोच स्पष्ट और ठोस है—अनुशासन, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ना। कर्मचारी/अधिकारी प्रभाग केवल एक औपचारिक ढांचा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी कार्यप्रणाली पर आधारित है जिसमें प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी, कार्यशैली और आचरण संगठन की गरिमा के अनुरूप हो। अनुशासन को यहां केवल नियमों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया गया है, ताकि हर स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और समन्वय बना रहे।
साथ ही, संगठन का फोकस एक मजबूत और विजनरी (दूरदर्शी) नेतृत्व तैयार करने पर है। इसका मतलब केवल पदों का वितरण नहीं, बल्कि ऐसे नेतृत्व का निर्माण करना है जो समाज की वास्तविक जरूरतों को समझे, समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजे और आने वाली चुनौतियों के लिए पहले से तैयार रहे। यह नेतृत्व परंपरा और आधुनिक सोच के संतुलन के साथ काम करेगा।
प्रभाग का उद्देश्य ऐसे व्यक्तित्वों को आगे लाना है जो निर्णय लेने में सक्षम हों, समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद स्थापित कर सकें और एक सकारात्मक दिशा में सामूहिक ऊर्जा को संगठित कर सकें। इसके लिए प्रशिक्षण, संवाद और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि हर सदस्य केवल पदाधिकारी न होकर एक जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित हो।
आने वाले समय में यही विजनरी नेतृत्व समाज के सामाजिक, शैक्षिक और प्रशासनिक मुद्दों को समझते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगा और आदिवासी समुदाय के समग्र विकास को नई दिशा देगा।
इस पूरे कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह स्पष्ट रूप से दर्शाया कि सर्व आदिवासी समाज एक मजबूत, संगठित और जागरूक मंच के रूप में निरंतर उभर रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों, अधिकारियों, युवा प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता ने संगठन के प्रति विश्वास और जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ किया।
विशेष रूप से सामान्य प्रभाग के सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति और सहयोग इस आयोजन की सफलता में अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनके समन्वय, मार्गदर्शन और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों ने कार्यक्रम को व्यवस्थित, प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण बनाने में अहम योगदान दिया।



