Top Stories
Elementor #13
Hello world!
तुमा-तुम्बा - BASTARIYA BABU

तुम्बा शिल्प : बस्तर की प्रसिद्ध आदिवासी हस्तकला

"तुम्बा शिल्प बस्तर की पारंपरिक आदिवासी कला है जिसमें सूखी लौकी पर नक्काशी कर लैंपशेड, ज्वेलरी और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं। तुम्बा शिल्प का इतिहास, प्रक्रिया और सांस्कृतिक महत्व विस्तार से जानिए।"
मेसा बिल - Bastariya Babu

मेसा बिल (ड्राफ्ट) क्या है? आदिवासी क्षेत्रों की नगर व्यवस्था पर प्रस्तावित कानून को समझें.

मेसा बिल (ड्राफ्ट) अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिकाओं के प्रावधान लागू करने का एक प्रस्तावित कानून था, जिसका उद्देश्य शहरी विकास के साथ आदिवासी अधिकारों और स्थानीय स्वशासन के संतुलन को बनाए रखना था।
यदि जातिगत भेदभाव नहीं, तो UGC Guidelines 2026 से डर कैसा - BastariyaBabu

यदि जातिगत भेदभाव नहीं, तो UGC Guidelines 2026 से डर कैसा?

यदि जातिगत भेदभाव नहीं तो UGC Guidelines 2026 से डर कैसा? - UGC Guidelines 2026 को लेकर अकादमिक जगत में खलबली क्यों है? सवाल सीधा है—अगर वास्तव में जातिगत भेदभाव नहीं होता, तो जवाबदेही का डर कैसा? पढ़िए, कैसे ये नई गाइडलाइन्स कैंपस के 'अदृश्य जातिवाद' और मेरिट के नाम पर चल रहे विशेषाधिकार पर रोशनी डाल रही हैं।
आदिवासी आज भी न्याय से दूर क्यों - Bastariya Babu

आदिवासी आज भी न्याय से दूर क्यों?

आदिवासी आज भी न्याय से दूर क्यों? इस लेख में हम सामाजिक भेदभाव, प्रशासनिक लापरवाही, कानून की जटिलता और अधिकारों की अनदेखी जैसे कारणों को गहराई से समझेंगे और समाधान की दिशा भी देखेंगे।
पत्थलगड़ी-स्मृति स्तंभ,गणराज्य सीमा,स्वशासन - Bastariya Babu

पत्थलगड़ी-स्मृति स्तंभ,गणराज्य सीमा,स्वशासन

पत्थलगड़ी-स्मृति स्तंभ,गणराज्य सीमा,स्वशासन, आदिवासी परंपरा में सिर्फ यादगार नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और गांव के स्वशासन का प्रतीक है।
महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले - Bastariya Babu

महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले

महात्मा ज्योतिबा फुले एक क्रांतिकारी समाज सुधारक थे जिन्होंने बालिका शिक्षा, जातिवाद और अंधविश्वास के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। इस लेख में उनके जीवन की प्रेरणादायक कहानी, विचार और योगदान…
बस्तरिया बाबु

|| बस्तर के हवा में ही कुछ अलग जादू है ||

बस्तरिया बाबु

“A living archive of Bastar’s Adivasi life, culture, traditions, festivals, history, and ground realities, told with authenticity and respect.”

बस्तरिया बाबु
बस्तरिया बाबु

Join our newsletter to stay updated

बस्तरिया बाबु
बस्तरिया बाबु
Scroll to Top

Join Our Newsletter

Subscribe to receive our latest blog posts directly in your inbox!