
इस पेज में आप आदिवासियों के आर्ट & म्यूजिक की उस दुनिया से रूबरू होंगे, जहाँ हर रंग, हर धुन और हर नृत्य के पीछे एक गहरी परंपरा और जीवन दर्शन छिपा है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति में कला और संगीत सिर्फ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक मजबूत सूत्र है। यहाँ लोकगीतों की लय, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की आवाज़, हस्तशिल्प की बारीकियाँ और पीढ़ियों से चली आ रही कलात्मक परंपराएँ देखने को मिलेंगी। इस पेज का उद्देश्य इन सांस्कृतिक धरोहरों को करीब से समझना और उनकी असली पहचान को सादगी और सम्मान के साथ सामने लाना है।



