# BASTARIYA BABU ## Posts - [आदिवासी उपयोजना का पैसा प्रचार पर क्यों? | Adivasi Sub Plan Budget Spending Chhattisgarh](https://bastariyababu.in/adivasi-sub-plan-budget-spending-chhattisgarh/): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रचार पर ₹1095 करोड़ खर्च और आदिवासी उपयोजना (TSP) बजट के कथित विचलन पर बस्तर के परिप्रेक्ष्य से एक विस्तृत विश्लेषण। - [DANDARI FOLK DANCE - डंडारी लोकनृत्य - बस्तर की माटी का अनूठा ताल और शौर्य गाथ](https://bastariyababu.in/dandari-folk-dance-%e0%a4%a1%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0dandari/): DANDARI FOLK DANCE - जानिए छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की भतरा जनजाति के पारंपरिक डंडारी लोकनृत्य (Dandari Folk Dance) के बारे में। इसकी ऐतिहासिक युद्ध कला, अनूठे वाद्य यंत्र 'तिर्ली' और 'टिमी वेदरी' के महत्व पर एक विस्तृत लेख। - [Adivasi Awaaz Training 2026: कंटेंट क्रिएटर बनने का सुनहरा अवसर | DUMKA | MAVAI | JAGDALPUR](https://bastariyababu.in/adivasi-awaaz-training-2026/): Adivasi Awaaz Training 2026 में सीखें वीडियो एडिटिंग, फोटोग्राफी, सोशल मीडिया, कंटेंट क्रिएशन, AI टूल्स और डिजिटल स्टोरीटेलिंग। 9-11 जून 2026, जगदलपुर में आयोजित विशेष प्रशिक्षण। - [आदिवासी युवा और बाबा साहेब: क्या हम डॉ. अम्बेडकर को सच में समझ पाए हैं?](https://bastariyababu.in/adivasi-yuva-aur-baba-saheb/): आदिवासी युवाओं से एक सीधा सवाल करता है—क्या हम सच में बाबा साहब को समझ पाए हैं? अंबेडकर जयंती के उत्सव के बीच यह लेख शिक्षा, संवैधानिक अधिकार, सामाजिक जिम्मेदारी और अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत करता है, और युवाओं को केवल उत्सव नहीं, बल्कि जागरूकता और परिवर्तन की राह चुनने के लिए प्रेरित करता है। - [बस्तर नक्सल मुक्त - क्या अब बिना विरोध के जंगल और जमीन का दोहन होगा?](https://bastariyababu.in/bastar-naxal-mukt-kya-ab-bina-virodh-ke-jangal-aur-jameen-ka-dohan-hoga/): बस्तर नक्सल मुक्त - बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है, लेकिन क्या यहाँ के जल, जंगल और जमीन सुरक्षित हैं? जानिए ग्राउंड रियलिटी 'बस्तरिया बाबू' की जुबानी। बैलाडीला और रावघाट जैसे संघर्षों और पर्यावरण संकट पर एक गहरी नज़र। - [बस्तर की पारंपरिक शिल्प कला: प्रकृति, संस्कृति और कारीगरी का अद्भुत संगम.](https://bastariyababu.in/bastar-traditional-art-and-crafts-in-hindi/): बस्तर की पारंपरिक शिल्प कला। छत्तीसगढ़ के दक्षिण में स्थित बस्तर(जिसे प्यार से हम प्यार से  ‘आमचो बस्तर’ कहते हैं) न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और कल-कल बहती इंद्रावती के लिए जाना जाता है, बल्कि यह अपनी समृद्ध ‘पुरखौती’ विरासत और अद्वितीय शिल्प कला के लिए भी पूरी दुनिया में विख्यात है। यहाँ की कला केवल मनोरंजन, ‘देखावा’ या घर की सजावट का साधन नहीं है; यह तो यहाँ के ‘आदिवासी’ भाई-बहनों के जीवन दर्शन का दर्पण है। यहाँ का हर एक शिल्प, हर एक गूँज और हर एक आकार आदिवासियों के ‘करसाड’, उनकी आस्था और प्रकृति के प्रति उनके ‘मया’ […] - [कोंडागांव में स.आदि.स. के कर्मचारी अधिकारी प्रभाग का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न.](https://bastariyababu.in/saskap-kondagaon-shapath-grahan-2026/): कोंडागांव में स.आदि.स. कर्मचारी अधिकारी प्रभाग का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, नई जिला कार्यकारिणी का गठन और विजनरी नेतृत्व पर जोर। - [छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 - कोयतुरीय विश्लेषण।](https://bastariyababu.in/cg-dharma-swatantrya-vidheyak-2026-koyturiya-vishleshan/): छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 - कोयतुरीय विश्लेषण - जानें कैसे यह नया कानून कोयतुर पुरखा शक्तियों, रूढ़िगत परंपराओं और 'धर्मपूर्वी' पहचान की रक्षा करेगा। - [आदिवासी संघर्ष: दिशा, दशा और समाधान.](https://bastariyababu.in/adivasi-sangharsh-disha-dasha-samadhan/): आदिवासी संघर्ष: दिशा, दशा और समाधान - "हम आदिवासी इस देश के कुदरती मालिक हैं, फिर भी सबसे अधिक पीड़ित और शोषित क्यों हैं? एक गहन और तथ्यात्मक विश्लेषण। पढ़ें आदिवासी समाज की समस्याओं का वास्तविक समाधान।" - [आदिवासी - जंगल का रखवाला](https://bastariyababu.in/aadivasi-jangal-ka-rakhwala/): आदिवासी जंगल का रखवाला - छत्तीसगढ़ के अरण्यों से निकली एक पुकार। जानिए कैसे आदिवासी समुदाय जल-जंगल-जमीन की रक्षा कर रहा है और विकास की अंधी दौड़ में क्या खो रहा है। एक मार्मिक और विश्लेषणात्मक लेख। - [अप्रैल 2026 में होगा लिंगो पेन का विश्व प्रसिद्ध करसाड़](https://bastariyababu.in/lingo-pen-karasad-2026/): कोयतुर समुदाय के आराध्य गुरु लिंगो पेन का विश्व प्रसिद्ध करसाड़ 2, 3 और 4 अप्रैल 2026 को अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम वल्लेकनार्र, आमाबेड़ा (कांकेर) में आयोजित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से गोंडीयन समाज और शोधार्थी शामिल होंगे। - [बस्तर में मातृ शक्ति का शंखनाद - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026](https://bastariyababu.in/bastar-matri-shakti-shankhnad-womens-day-2026/): जगदलपुर के भतरा समाज भवन में सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 समारोह में मातृ शक्ति का सम्मान, सामाजिक एकता और आदिवासी परंपराओं का गौरवपूर्ण प्रदर्शन देखने को मिला। - [सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग कर्मचारी/अधिकारी प्रभाग का मनोनयन एवं शपथ ग्रहण।](https://bastariyababu.in/sarv-adivasi-samaj-bastar-sambhag-karmachari-adhikari-prabhag-shapath-grahan-jagdalpur/): जगदलपुर में सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग कर्मचारी/अधिकारी प्रभाग का मनोनयन एवं शपथ ग्रहण समारोह संपन्न। - [Inspiring Journey Of Anju Pathre - Tribal Civil Judge.](https://bastariyababu.in/inspiring-journey-of-anju-pathre-tribal-civil-judge/): दंतेवाड़ा की आदिवासी बेटी अंजू पाथरे ने संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सिविल जज बनकर नई मिसाल कायम की। जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की पूरी कहानी। - [गण्डोदीप (भाग-१) - परिचय और भौगोलिक विस्तार](https://bastariyababu.in/gandodip-part-1-introduction-and-geographical-extent/): गण्डोदीप (भाग-१) में कोयतुर सभ्यता के परिचय और उसके भौगोलिक विस्तार को ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक संदर्भों में समझाया गया है। यह लेख आदिम चेतना, जनजातीय जीवन और दंडकारण्य क्षेत्र की परंपराओं की मूल जड़ों को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। - [गण्डोदीप: कोयतुर सभ्यता, दर्शन और आदिम चेतना का महावृत्तांत ।](https://bastariyababu.in/gandodip-koytur-civilization/): "जानिए कोयतुर सभ्यता का वह गौरवशाली इतिहास, जिसे मुख्यधारा ने भुला दिया। 'गण्डोदीप' श्रृंखला के इस पहले भाग में ८८ शंभूसेकों की न्याय व्यवस्था और आदिम चेतना के अनसुने रहस्यों का अन्वेषण करें।" - [तुम्बा शिल्प : बस्तर की प्रसिद्ध आदिवासी हस्तकला](https://bastariyababu.in/tumba-shilp-bastar-tribal-art/): "तुम्बा शिल्प बस्तर की पारंपरिक आदिवासी कला है जिसमें सूखी लौकी पर नक्काशी कर लैंपशेड, ज्वेलरी और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं। तुम्बा शिल्प का इतिहास, प्रक्रिया और सांस्कृतिक महत्व विस्तार से जानिए।" - [मेसा बिल (ड्राफ्ट) क्या है? आदिवासी क्षेत्रों की नगर व्यवस्था पर प्रस्तावित कानून को समझें.](https://bastariyababu.in/mesa-bill-draft-scheduled-areas-municipal-law-explained/): मेसा बिल (ड्राफ्ट) अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिकाओं के प्रावधान लागू करने का एक प्रस्तावित कानून था, जिसका उद्देश्य शहरी विकास के साथ आदिवासी अधिकारों और स्थानीय स्वशासन के संतुलन को बनाए रखना था। - [यदि जातिगत भेदभाव नहीं, तो UGC Guidelines 2026 से डर कैसा?](https://bastariyababu.in/if-no-discrimination-why-fear-ugc-guidelines/): यदि जातिगत भेदभाव नहीं तो UGC Guidelines 2026 से डर कैसा? - UGC Guidelines 2026 को लेकर अकादमिक जगत में खलबली क्यों है? सवाल सीधा है—अगर वास्तव में जातिगत भेदभाव नहीं होता, तो जवाबदेही का डर कैसा? पढ़िए, कैसे ये नई गाइडलाइन्स कैंपस के 'अदृश्य जातिवाद' और मेरिट के नाम पर चल रहे विशेषाधिकार पर रोशनी डाल रही हैं। - [आदिवासी आज भी न्याय से दूर क्यों?](https://bastariyababu.in/adivasi-nyay-se-door-kyun/): आदिवासी आज भी न्याय से दूर क्यों? इस लेख में हम सामाजिक भेदभाव, प्रशासनिक लापरवाही, कानून की जटिलता और अधिकारों की अनदेखी जैसे कारणों को गहराई से समझेंगे और समाधान की दिशा भी देखेंगे। - [पत्थलगड़ी-स्मृति स्तंभ,गणराज्य सीमा,स्वशासन](https://bastariyababu.in/pathalgadi-smriti-stambh-ganrajya-seema-swashasan/): पत्थलगड़ी-स्मृति स्तंभ,गणराज्य सीमा,स्वशासन, आदिवासी परंपरा में सिर्फ यादगार नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और गांव के स्वशासन का प्रतीक है। - [महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले](https://bastariyababu.in/mahatma-jyotirao-phule/): महात्मा ज्योतिबा फुले एक क्रांतिकारी समाज सुधारक थे जिन्होंने बालिका शिक्षा, जातिवाद और अंधविश्वास के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। इस लेख में उनके जीवन की प्रेरणादायक कहानी, विचार और योगदान को समझने का प्रयास करते हैं ।   विषय सूची (Table of Content): 1. परिचय 2. प्रारंभिक जीवन 3. शिक्षा का संघर्ष 4. सामाजिक सुधार कार्य 5. सावित्रीबाई फुले: जीवनसंगिनी और सहयोगी 6. सत्यशोधक समाज की स्थापना 7. विचारधारा और लेखन 8. विरासत और प्रभाव   1. परिचय –  भारतीय इतिहास में जब भी सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा की बात होती है, तो महात्मा ज्योतिबा फुले का नाम गर्व से […] - [सच्चाई, सेंसर और संवेदनशीलता: फिल्म ‘Phule’](https://bastariyababu.in/phule-movie-truth-censorship-sensitivity/): भारत का सामाजिक ताना-बाना जाति व्यवस्था के इतिहास से अनछुआ नहीं रहा है। विशेषकर 19वीं सदी के समाज सुधारकों—महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले—ने उस समय की ब्राह्मणवादी पितृसत्ता और जातिगत अत्याचारों के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाई थी। उनके जीवन और संघर्षों पर आधारित फिल्म Phule को लेकर हाल ही में जो विवाद उभरा है, वह सिर्फ एक फिल्म के दृश्य संपादन का मामला नहीं है—बल्कि यह सवाल है ऐतिहासिक सच्चाई, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जातिगत सच्चाइयों के स्वीकार्य या अस्वीकार्य होने का।   फिल्म और विवाद की पृष्ठभूमि –  Phule फिल्म 11 अप्रैल को रिलीज़ होनी थी, जो महात्मा फुले की […] - [आदिवासियों का मसीहा - "डॉ. भीमराव अंबेडकर"](https://bastariyababu.in/aadivasiyon-ka-masiha-dr-bhimrao-ambedkar/): “डॉ. भीमराव अंबेडकर”   डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन न केवल एक प्रेरणा है, बल्कि वह संघर्ष, आत्मबल और सामाजिक परिवर्तन की जीवंत मिसाल भी है। 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्मे अंबेडकर का प्रारंभिक जीवन गहरा अपमान और भेदभाव झेलते हुए बीता। अछूत कहे जाने वाले महार जाति में जन्म लेने के कारण उन्हें न तो पानी पीने की अनुमति थी, न स्कूल में बराबरी से बैठने की। लेकिन उनके भीतर ज्ञान की ऐसी अग्नि थी, जो इन रुकावटों को चीरती चली गई।   अंबेडकर ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी (अमेरिका) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (ब्रिटेन) से […] - [कहानी लोहंडीगुड़ा गोलीकांड की ...](https://bastariyababu.in/lohandiguda-golikand-ki-kahani/): आदिवासी शूरवीरों के इस कहानी के पृष्टभूमि की तैयारी समयचक्र ने तब तैयार करना प्रारंभ लिया था जब भारत देश पर अंग्रेजी शासन की हुकूमत का देहावसान हो रहा था, यानि सन 1947 में जब भारत देश आजाद हो गया था |  भारतवर्ष में संविधान लागू होने से पहले, आज़ादी से पहले राजतंत्र व्यवस्था प्रचलित हुआ करती थी और उस समय बस्तर रियासत में आदिवासियों के भगवान माने जानेवाले महाराजा प्रवीर चन्द्र भंजदेव जी शासक हुआ करते थे | बस्तर महाराजा ने अंग्रेजो एवं तत्कालीन सरकार के द्वारा बस्तर के आदिवासी समुदाय का शोषण का खुलकर मुकाबला किया साथ ही आदिवासियों […] - [दंडकारण्य के विभिन्न रंग](https://bastariyababu.in/dandakaranya-ke-vibhinn-rang/): भारत के मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का दक्षिणी हिस्सा, जिसे हम बस्तर संभाग के नाम से जानते हैं, केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं है। यह एक रहस्य है, एक दर्शन है, और एक जीती-जागती आदिम सभ्यता है। प्राचीन काल से इसे ‘दंडकारण्य’ के नाम से जाना जाता रहा है—एक ऐसा विशाल वन क्षेत्र जो अपनी घनघोर हरियाली और रहस्यमयी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। आज भी, जब आप साल (Sal) और सागौन (Teak) के इन घने जंगलों में प्रवेश करते हैं, तो हवाओं में एक अलग तरह की आदिम सुगंध महसूस होती है। बस्तर की पहचान यहाँ के जलप्रपात या गुफाएँ तो […] - [भूमकाल दिवस - आदिवासी क्रांति](https://bastariyababu.in/bhumkal-diwas-adivasi-kranti/): महान भूमकाल दिवस  देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है. अंग्रेजों के गुलामी से देश को आजादी दिलाने के लिए न जाने कितने वीर सपूतों ने अपनी जान की कुर्बानी दे दी. इन वीर सपूतों में से एक छत्तीसगढ़ के बस्तर के आदिवासी जननायक वीर शहीद गुंडाधुर हैं. इन्होंने आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भूमकाल आंदोलन की शुरुआत की थी. उन्होंने अपने दहशत से अंग्रेजों को कई दिनों तक जंगलों और  गुफाओं में छुपने के लिए मजबूर कर दिया था.  हजारों आदिवासियों के प्रेरणास्त्रोत […] - [गुप्तेश्वर मंदिर - ओडिशा](https://bastariyababu.in/gupteswar-temple-odisha/): गुफा के अन्दर चूना पत्थर भी प्राय: देखने को मिलते हैं | इसके आसपास कई दर्शनीय स्थल हैं। मुख्य आकर्षण विशाल शिव लिंग है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह आकार में बढ़ रहा है। श्रावण काल / शिवरात्रि पर्व के दौरान देश भर से तीर्थयात्री यहां आते हैं | इस दौरान वार्षिक बोल-बोम यात्रा आयोजित किया जाता है। बोलबोम यात्रा के दौरान भक्त महाकुंड में स्नान करने के लिए गुप्तेश्वर जाते हैं, और फिर शिव लिंग के पास जाप करते हैं। इस दौरान यहां लंबी कतार लगती है। शिवरात्रि में मेला एक सप्ताह तक लगता है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ […] - [सातधार - नैसर्गिक सुंदरता से परिपूर्ण](https://bastariyababu.in/satdhar-natural-beauty/): (फोटो – ओम सोनी जी) बस्तर का प्राकृतिक सौंदर्य ईश्वर की अनुपम सौगात है जो राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों की सूची में स्थान पा सकता है। बस्तर में शीत ऋतु में बैलाडीला के पर्वत शिखर पर छाया हुआ घना कोहरा काश्मीर की वादियों का एहसास कराता है, जो सम्पूर्ण बस्तर में फैली पर्वत श्रृंखलाएँ, पहाड़ों की रानी पचमढ़ी जैसी हरीतिमा की अनुभूति करा जाती है। कल-कल के नाद से प्रवाहित छोटी-बड़ी नदियाँ, एकाएक गहरे चट्टानों में गिरते हुए प्रवाह से बनने वाले जलप्रपात, भूगर्भीय सौंदर्य को समेटे तिमिर श्रृंगार युक्त गुफाएँ बस्तर के आभूषण हैं। जहाँ चम्बल की […] - [द टाइगर बॉय - चेंदरू](https://bastariyababu.in/the-tiger-boy-chendru/): चेंदरू मंडावी: बस्तर का टाइगर बॉय चेंदरू मंडावी: बस्तर का “टाइगर बॉय” जिसने दुनिया को इंसान और वन्यजीव की दोस्ती का अनोखा संदेश दिया बस्तर की धरती सदियों से अपनी अनूठी संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और असाधारण व्यक्तित्वों के लिए जानी जाती रही है। इसी पावन माटी ने एक ऐसे बालक को जन्म दिया, जिसकी कहानी केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में आश्चर्य और प्रेरणा का विषय बनी। यह कहानी है चेंदरू मंडावी की, जिन्हें दुनिया “द टाइगर बॉय” (The Tiger Boy) के नाम से जानती है। एक साधारण आदिवासी बालक और एक खूंखार बाघ के बीच बनी अद्भुत मित्रता […] - [Birsa-Munda-Tribal-Leader-and-folk-hero | बिरसा मुंडा की जीवनी, उलगुलान और विरासत](https://bastariyababu.in/birsa-munda-tribal-leader-and-folk-hero-2/): जानिए बिरसा मुंडा के बारे में, जो महान आदिवासी नेता और लोकनायक थे। पढ़ें उनका जीवन परिचय, उलगुलान आंदोलन, संघर्ष, आध्यात्मिक यात्रा, विद्रोह, मृत्यु और भारतीय इतिहास में उनकी अमर विरासत। ## Pages - [BLOG](https://bastariyababu.in/blog/): Bastariya Babu Hero Section Bastar • Tribal Culture • Stories Discover the Real Soul of Bastar Explore authentic tribal traditions, forest life, festivals, history, and hidden stories from Bastar through immersive storytelling and cultural experiences. 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Read More BASTARIYA BABUApril 14, 2026 बस्तर नक्सल मुक्त – क्या अब बिना विरोध के जंगल और जमीन का […] - [HOME](https://bastariyababu.in/): 🏹 बस्तर की असली आवाज़ आदिवासी ज़िंदगी, संस्कृति और ज़मीनी सच्चाइयाँ हमारी वेबसाइट बस्तर की आदिवासी ज़िंदगी, संस्कृति और ज़मीनी सच्चाइयों को ईमानदारी से दर्ज करने की एक कोशिश है। यहाँ लिखी हर बात किसी किताब से उठाई गई जानकारी नहीं, बल्कि अनुभव, इतिहास, परंपरा और वर्तमान के बीच की सच्ची कहानी है। कहानियाँ पढ़ें ब्लॉग देखें वेबसाइट परिचय बस्तर की आवाज़ को डिजिटल पहचान यह वेबसाइट बस्तर की आदिवासी ज़िंदगी, संस्कृति, इतिहास और ज़मीनी सच्चाइयों को ईमानदारी से सामने लाने का एक प्रयास है। यहाँ प्रकाशित सामग्री अनुभव, परंपरा, लोकज्ञान और वर्तमान सामाजिक संदर्भों पर आधारित है। 🌿 संस्कृति लोक […] - [BBHOME](https://bastariyababu.in/elementor-4979/): Preserving Indigenous Wisdom Bastariya Babu Voice of Bastar’s Culture, Heritage and Tribal Knowledge Discover the untold stories, ancient traditions, and living heritage of Bastar’s tribal communities. 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